क्या होती है EGM-Extraordinary General Meeting: कंपनी अधिनियम के अनुसार, किसी कंपनी के किसी भी बड़े फैसले के लिए शेयरधारकों की सहमति जरूरी है. हालांकि, कंपनी के मामलों पर फैसला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स लेते है. लेकिन वे अपने दम पर कंपनी के कामकाज में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं कर सकते. इसीलिए शेयरधारकों और बोर्ड के बीच बातचीत को सक्षम करने के लिए Extraordinary General Meeting होती है.
एक कंपनी अपने शेयरधारकों के लिए दो तरह की बैठकें आयोजित करती है, एक वार्षिक आम बैठक (एजीएम), और दूसरी ईजीएम होती है. हर साल एक एजीएम अनिवार्य रूप से आयोजित करने जरूरी है.वार्षिक आम बैठक या Annual General Meting में कंपनी के निदेशक यानि डायरेक्टर्स कंपनी का पिछले वर्ष का वित्तीय आकलन करते है और अगले वर्ष के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं. किसी कंपनी से संबंधित सभी प्रमुख फैसले एजीएम में शेयरधारकों के वोट से लिए जाते हैं.
हालांकि, ईजीएम आमतौर पर तब बुलाई जाती है जब कंपनी को कुछ बिजनेस के लिए शेयरधारकों की अनुमति की तुरंत आवश्यकता होती है और वह अगली एजीएम तक इंतजार नहीं कर सकती है. ईजीएम आयोजित करने के लिए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को शेयरधारकों को कम से कम 21 दिन पहले नोटिस देना होता है.

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