शेयर मार्केट ऐसी जगह है जहां स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध शेयर्स की खरीदी-बिक्री होती है। आजकल NSE और BSE में प्रतिदिन लाखों करोड़ का टर्नओवर होता है। एक व्यक्ति शेयर खरीदता है तो दूसरा बेचता है। जिसे सीधे-सीधे Buying और Selling कहा जा सकता है।
Selling मतलब बेचना
Short मतलब कम करना
यानि आपने जो माल मार्केट से ख़रीदा उसको कम करना। Short Selling को short covering भी कहा जाता है। अक्सर न्यूज़ पेपर या TV पर यह देखने-पढ़ने को मिलता है कि आज अंतिम समय मे शार्ट कवरिंग होने के कारण शेयर बाजार में तेजी गई।
अब आइये जानते हैं शार्ट सैलिंग कैसे की जाती है ? शेयर मार्केट में जब किसी शेयर की कीमतें गिरने की आशंका हो तब short selling की जाती है।शेयर के भाव गिरने पर निवेशक को नुकसान होता है और मजेदार बात हे कि Short Selling करके शेयर की कीमत गिरने पर भी लाभ कमाया जा सकता है।यदि आपको सोमवार को लग रहा है कि आज TCS के शेयर में भारी गिरावट आ सकती है तो आप Short Selling करके बहुत मुनाफा कमा लेंगें।भाव गिरने की संभावना में पहले शेयर बेचे जाते हैं,भले ही आपके पास वो शेयर न भी हों और जब थोड़े समय बाद अचानक भाव गिर जाय तो फौरन वही शेयर खरीद लिए जाते हैं।
इसका एक उदाहरण : आज मुझे लगा कि TCS गिरेगा तो मैंने सवेरे मार्केट खुलते ही 50 शेयर 2000 रुपये के भाव से बेच दिए। हालाँकि मेरे पास TCS के शेयर्स नहीं थे। एक घण्टे बाद TCS गिरते-गिरते 1900 पर आ गया।मैंने फौरन 50 शेयर TCS के 1900 में खरीद लिए।
अब हिसाब बराबर हो गया।और मुझे 5000 रुपये का फायदा भी हो गया।
शेयर बेचे 2000 × 50 = 100000
शेयर ख़रीदे 1900 × 50 =95000
100000 -95000 = 5000
Short Selling करने के लिए आपके डी मेट खाते में शेयर्स होना जरूरी नहीं है। हो तो भाव गिरने पर आप चाहे तो वो शेयर बेच कर शार्ट सैलिंग कर सकते हैं।
शार्ट सैलिंग करते समय एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शाम को मार्केट बन्द होने के पहले आपको शेयर खरीद कर सौदा काटना अनिवार्य है।अन्यथा स्टॉक एक्सचेंज आपके ऊपर भारी फाईन लगा सकता है।
SHORT SELLING क्या होता है ?
शार्ट सैलिंग को आसान तरीके से याद रखना हो तो ऐसे याद रखिये -
Selling मतलब बेचना
Short मतलब कम करना
यानि आपने जो माल मार्केट से ख़रीदा उसको कम करना। Short Selling को short covering भी कहा जाता है। अक्सर न्यूज़ पेपर या TV पर यह देखने-पढ़ने को मिलता है कि आज अंतिम समय मे शार्ट कवरिंग होने के कारण शेयर बाजार में तेजी गई।
अब आइये जानते हैं शार्ट सैलिंग कैसे की जाती है ? शेयर मार्केट में जब किसी शेयर की कीमतें गिरने की आशंका हो तब short selling की जाती है।शेयर के भाव गिरने पर निवेशक को नुकसान होता है और मजेदार बात हे कि Short Selling करके शेयर की कीमत गिरने पर भी लाभ कमाया जा सकता है।यदि आपको सोमवार को लग रहा है कि आज TCS के शेयर में भारी गिरावट आ सकती है तो आप Short Selling करके बहुत मुनाफा कमा लेंगें।भाव गिरने की संभावना में पहले शेयर बेचे जाते हैं,भले ही आपके पास वो शेयर न भी हों और जब थोड़े समय बाद अचानक भाव गिर जाय तो फौरन वही शेयर खरीद लिए जाते हैं।
इसका एक उदाहरण : आज मुझे लगा कि TCS गिरेगा तो मैंने सवेरे मार्केट खुलते ही 50 शेयर 2000 रुपये के भाव से बेच दिए। हालाँकि मेरे पास TCS के शेयर्स नहीं थे। एक घण्टे बाद TCS गिरते-गिरते 1900 पर आ गया।मैंने फौरन 50 शेयर TCS के 1900 में खरीद लिए।
अब हिसाब बराबर हो गया।और मुझे 5000 रुपये का फायदा भी हो गया।
शेयर बेचे 2000 × 50 = 100000
शेयर ख़रीदे 1900 × 50 =95000
100000 -95000 = 5000
Short Selling करने के लिए आपके डी मेट खाते में शेयर्स होना जरूरी नहीं है। हो तो भाव गिरने पर आप चाहे तो वो शेयर बेच कर शार्ट सैलिंग कर सकते हैं।
शार्ट सैलिंग करते समय एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शाम को मार्केट बन्द होने के पहले आपको शेयर खरीद कर सौदा काटना अनिवार्य है।अन्यथा स्टॉक एक्सचेंज आपके ऊपर भारी फाईन लगा सकता है।
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